Account Dormant Kaise Hota Hai? पूरी जानकारी
आज के समय में लगभग हर व्यक्ति का बैंक अकाउंट होता है, लेकिन बहुत से लोगों को यह नहीं पता होता कि Account Dormant kaise hota hai और बैंक अकाउंट कब Dormant या Inactive घोषित कर दिया जाता है। कई बार लोग नया अकाउंट खुलवा लेते हैं, पुराना अकाउंट इस्तेमाल नहीं करते, या उसमें लेनदेन बंद कर देते हैं। ऐसे में बैंक कुछ समय बाद उस खाते को Dormant बना देता है।
अगर आपका भी बैंक अकाउंट लंबे समय से उपयोग में नहीं है, तो यह जानकारी आपके लिए बहुत जरूरी है। इस लेख में हम विस्तार से समझेंगे कि Dormant Account क्या होता है, Account Dormant क्यों होता है, इसके नुकसान क्या हैं, और इसे दोबारा Active कैसे करें।
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Account Dormant Kya Hota Hai?
जब किसी बैंक खाते में लंबे समय तक कोई भी Customer Initiated Transaction नहीं होता, यानी ग्राहक की तरफ से पैसे जमा, निकासी, UPI, ATM, चेक, ऑनलाइन ट्रांसफर जैसी गतिविधि नहीं होती, तो बैंक उस खाते को पहले Inactive Account और बाद में Dormant Account की श्रेणी में डाल देता है।
सरल भाषा में कहें तो:
> जो बैंक अकाउंट लंबे समय तक इस्तेमाल नहीं किया जाता, उसे बैंक Dormant Account बना देता है।
Reserve Bank of India के दिशा-निर्देशों के अनुसार बैंक ग्राहकों की सुरक्षा और फर्जी लेनदेन रोकने के लिए निष्क्रिय खातों पर यह नियम लागू करते हैं।
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Account Dormant Kaise Hota Hai?
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि Account Dormant kaise hota hai?
बैंक अकाउंट Dormant होने की प्रक्रिया धीरे-धीरे होती है:
1. अकाउंट में लेनदेन बंद हो जाना
यदि आप अपने खाते में लंबे समय तक कोई भी ट्रांजैक्शन नहीं करते हैं, जैसे:
पैसे जमा नहीं करते
पैसे नहीं निकालते
ATM इस्तेमाल नहीं करते
UPI Payment नहीं करते
Net Banking से ट्रांसफर नहीं करते
चेक का उपयोग नहीं करते
तो बैंक नोटिस करता है कि अकाउंट निष्क्रिय है।
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2. 12 महीने तक कोई Customer Transaction नहीं
लगभग 12 महीने तक कोई ग्राहक द्वारा किया गया ट्रांजैक्शन नहीं होने पर बैंक अकाउंट को Inactive Account मान लिया जाता है।
इस दौरान:
कुछ बैंक SMS भेजते हैं
ईमेल अलर्ट देते हैं
अकाउंट एक्टिव करने की सूचना देते हैं
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3. 24 महीने तक लेनदेन न होने पर Dormant
अगर लगातार 2 साल (24 महीने) तक कोई भी Customer Initiated Transaction नहीं होता, तो बैंक खाते को Dormant Account घोषित कर देता है।
यह नियम अधिकतर भारतीय बैंकों में लागू होता है।
State Bank of India, Punjab National Bank, Bank of Baroda सहित कई बैंक निष्क्रिय खातों को इसी प्रक्रिया से Dormant करते हैं।
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किन कारणों से Account Dormant हो जाता है?
बहुत से लोग सोचते हैं कि अकाउंट में पैसे पड़े हैं तो Dormant नहीं होगा, लेकिन यह गलत है। Dormant होने का मुख्य कारण बैलेंस नहीं, बल्कि लेनदेन बंद होना है।
मुख्य कारण:
● लंबे समय तक अकाउंट इस्तेमाल न करना
पुराना अकाउंट खुलवा लिया और भूल गए।
● नया बैंक अकाउंट इस्तेमाल करना
लोग सैलरी अकाउंट या दूसरा सेविंग अकाउंट इस्तेमाल करने लगते हैं।
● ATM / UPI / Net Banking उपयोग बंद
ऑनलाइन ट्रांजैक्शन बंद होने से अकाउंट निष्क्रिय माना जाता है।
● केवल बैंक द्वारा Interest आना
यदि सिर्फ ब्याज आ रहा है तो उसे ग्राहक ट्रांजैक्शन नहीं माना जाता।
● KYC अपडेट न करना
कुछ मामलों में KYC लंबित रहने पर भी अकाउंट प्रतिबंधित हो सकता है।
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Dormant Account Hone Ke Nuksan
Dormant अकाउंट होने के बाद ग्राहक को कई समस्याएं झेलनी पड़ती हैं:
ATM कार्ड काम करना बंद कर सकता है
UPI Link नहीं चलता
Net Banking Restricted हो जाती है
पैसे निकालने में दिक्कत
चेक क्लियर नहीं होता
Auto Debit बंद हो सकता है
Direct Benefit Transfer रुक सकता है
सबसे जरूरी बात:
> Dormant अकाउंट में पैसा सुरक्षित रहता है, लेकिन उपयोग सीमित हो जाता है।
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कैसे पता करें कि अकाउंट Dormant हो गया है?
आप इन तरीकों से चेक कर सकते हैं:
ATM से पैसा नहीं निकल रहा
UPI Transaction Failed
Passbook Update नहीं हो रही
Net Banking में restriction message
बैंक शाखा से status पूछें
Customer Care पर कॉल करें
कई बैंक अपनी वेबसाइट पर inactive/dormant policy बताते हैं।
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Dormant Account Ko Active Kaise Kare?
अगर आपका अकाउंट Dormant हो गया है तो घबराने की जरूरत नहीं है। इसे दोबारा चालू कराया जा सकता है।
बैंक शाखा जाएं
अपने होम ब्रांच या किसी संबंधित शाखा में जाएं।
KYC Documents ले जाएं
Aadhaar Card
PAN Card
Passbook
Mobile Number
Reactivation Form भरें
बैंक Dormant Account Activation Form देगा।
Signature Verification
आपके हस्ताक्षर मैच किए जाएंगे।
छोटा Transaction करें
कुछ बैंक ₹100 या ₹500 जमा/निकासी करवाते हैं।
फिर बैंक आपका अकाउंट दोबारा Active कर देता है।
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Dormant Account Se Paisa Nikal Sakte Hain?
सीधे ATM या UPI से अक्सर नहीं निकलता।
लेकिन बैंक शाखा में पहचान सत्यापन के बाद पैसा निकाला जा सकता है।
कुछ बैंक पहले Reactivation करवाते हैं फिर withdrawal देते हैं।
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Account Dormant Hone Se Kaise Bachaye?
अगर आप चाहते हैं कि आपका बैंक अकाउंट Dormant न हो, तो:
3-4 महीने में एक बार ट्रांजैक्शन करें
₹100 भी जमा/निकाल सकते हैं
UPI से छोटा payment करें
ATM balance inquiry नहीं, बल्कि withdrawal/deposit करें
Passbook update रखें
यानी खाते को जीवित रखने के लिए हल्की activity जरूरी है।
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क्या Dormant Account अपने आप बंद हो जाता है?
नहीं, Dormant Account तुरंत बंद नहीं होता।
वह बैंक रिकॉर्ड में रहता है।
लेकिन लंबे समय तक निष्क्रिय रहने पर बैंक अतिरिक्त verification मांग सकता है।
कुछ विशेष मामलों में unclaimed deposit प्रक्रिया भी लागू हो सकती है।
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निष्कर्ष
अब आपको समझ में आ गया होगा कि Account Dormant kaise hota hai। जब बैंक खाते में 1 से 2 साल तक ग्राहक की तरफ से कोई भी लेनदेन नहीं होता, तो बैंक सुरक्षा कारणों से उसे Inactive और बाद में Dormant घोषित कर देता है।
इसलिए यदि आपका कोई पुराना अकाउंट है तो समय-समय पर उसमें छोटा ट्रांजैक्शन जरूर करें ताकि भविष्य में पैसे निकालने या सरकारी लाभ लेने में परेशानी न हो।
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FAQs – Account Dormant Kaise Hota Hai
Q1. कितने समय बाद अकाउंट Dormant होता है?
लगातार 24 महीने तक ग्राहक ट्रांजैक्शन न होने पर।
Q2. Dormant Account में पैसा सुरक्षित रहता है?
हाँ, पैसा सुरक्षित रहता है।
Q3. क्या ATM balance check करने से Dormant नहीं होगा?
नहीं, केवल balance check काफी नहीं माना जाता।
Q4. Dormant Account को चालू करने में कितना समय लगता है?
आमतौर पर 1 से 7 कार्य दिवस।
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